WWW के 30 साल पूरे, दुनिया को इंटरनेट देने वाले वैज्ञानिक को गूगल का सलाम

हर दिन की तरह आज यानी 12 फरवरी को भी दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने डूडल के जरिए सलामी दी है। लेकिन आज का डूडल बहुत ही अहमियत रखता है। खास इसलिए कि हमारी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने की देन इसी दिन और क्रांति लाने वाले शख्स की है। शायद ही कोई इस बात से इत्तेफाक न रखता हो कि इंटरनेट ने दूरियां मिटा दीं। जारकारी का सबसे बड़ा स्त्रोत मुहैया करा दिया। कुछ भी जानना या देखना हो तो तुरंत हम कम्यूटर खोल ब्राउजर के एड्रेस बार में जाकर संबंधित वेबसाइट खोल लेते हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू (WWW) आधुनिक तकनीक की सबसे बड़ी सफलता है, लेकिन यह संभव हुआ कैसे और कब? तीन दशक बीत गए। मतलब तीस साल। सर टिम बर्नर्स ली, वह शख्स जिसकी बदौलत यह मुमकिन हो पाया। इसी पर आज गूगल ने डूडल बनाकर इतिहास के पन्नों से धूल हटाई है।

आज यानी 12 मार्च को वर्ल्ड वाइड वेब की 30वीं सालगिरह है। वर्ल्ड वाइड वेब को WWW के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर गूगल अपने खास अंदाज में वर्ल्ड वाइड वेब की 30वीं सालगिरह पर डूडल बनाया है। डाक्यूमेंट्स का समूह वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) कहलाता है। यह एक दूसरे से हाइपरटेक्स्ट के माध्यम से जुड़े रहते हैं । बसे पहले वैज्ञानिक टिम बर्नर ली ने वर्ल्ड वाइड वेब का प्रयोग 1989 में। हालांकि आम जन तक इसको पहुंचाने में करीब दो साल लग गए। पूरी दुनिया के लिए यह 1991 में शुरू हुआ।
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बताते हैं कि दुनिया को इंटरनेट देने वाले वैज्ञानिक टिम बर्नर ली का जन्म इंग्लैंड में हुआ था। वह शुरूआत से ही इन सब चीजों की तरफ आकर्षित थे। इन्‍होंने अपनी पढाई क्वीनस् कॉलेज और ऑक्‍सफोर्ड यून‍िवर्सिटी से पूरी की। उन्हें 1976 में फिजिक्स में डिग्री मिली थी। आज की दुनिया को बेहद आसान बनाने वाले ली गण‍ित के भी अच्छे जानकार थे। टिम बर्नर्स को यह खूबी अपने माता पिता से मिली थी। बताया यह भी जाता है कि उनके माता पिता ने उनकी इस खोज में उनकी काफी मदद की थी।

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