अभिनंदन के साथ अब क्या होगा, जानिए दुश्मन देश से युद्धबंदी के लौटने पर की जाने वाली प्रक्रिया

विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान करीब 48 घंटे बाद पाकिस्तान से भारत लौट आए हैं। लेकिन आम जिंदगी की ओर लौटने से पहले अभिनंदन को दिल्ली एयर फोर्स मुख्यालय में एक लंबे डीब्रीफिंग से गुजरना होगा। ऐसे में आपको बताते हैं कि क्या होती है डीब्रीफिंग और इस दौरान अभिनंदन से क्या क्या सवाल पूछे जा सकते हैं

एयर फोर्स गेस्ट हाउस में रुकेंगे अभिनंदन के माता पिता: डिफेंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने द टेलिग्राफ को बताया कि सबसे पहले अभिनंदन को दिल्ली लाया जाएगा। जहां एयर फोर्स गेस्ट हाउस में वो अपने माता-पिता से मिलेंगे। इसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना के मुख्यालय ले जाया जाएगा। जहां पर उन से वायुसेना के अधिकारी पूछताछ करेंगे। इस पूछताछ के वक्त मिलिट्री इंटेलिजेंस भी मौजूद रहेगी।

युद्धबंदियों से जुड़े भारतीय प्रोटोकॉल होंगे लागू: अधिकारी ने बताया कि अभिनंदन पर भी युद्धबंदियों से जुड़े भारतीय प्रोटोकॉल लागू होंगे। वो हमारे वीर जवान है और उन्होंने साहस का परिचय दिया है। पूरा देश आज उनके साहस को नमन करता है। लेकिन प्रोटोकॉल के तहत उनके इंटेरोगेट किया जाएगा और जबसे वो दुश्मन की कैद में थे तबसे लेकर वापस भारत में आने तक कि हर बात की जानकारी ली जाएगी। हो सकता है कि इसमें उन्हें थोड़ा कष्ट भी हो लेकिन ये जरूरी है।
अभिनंदन के होंगे मेडिकल टेस्ट: अधिकारी के मुताबिक अभिनंदन के मेडिकल टेस्ट भी होंगे जिससे उनका फिटनेस लेवल जांचा जाएगा। मेडिकल जांच के दौरान उनकी बॉडी की स्कैनिंग भी की जाएगी। फिजिकल टेस्ट के साथ ही साथ उनका साइकोलॉजिकल टेस्ट भी होगा। ऐसा इसलिए नहीं होता कि हमें अपने वीरों पर कोई शक है लेकिन प्रोटोकॉल के तहत ये जरूरी होता है।
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क्यों होती है डिब्रीफिंग: लेफ्टिनेंट जर्नल एच एस पनाग (सेवानिवृत) ने बताया कि डीब्रीफिंग प्रोटोकॉल का ही हिस्सा है। डीब्रीफिंग में वो सभी सवाल शामिल होते हैं जो उनके दुश्मन क्षेत्र में रहने के दौरान से जुड़े होते हैं। जैसे की जब वो वहां थे तो उनसे क्या पूछा गया, दुश्मनों के सवालों के उन्होंने क्या जवाब दिए। क्या पाकिस्तान की तरफ से उन्हें कोई समझाइश दी गई या नहीं। ऐसे ही कई सवाल डीब्रीफिंग में शामिल होते हैं।
अभिनंदन ने दिलाई नचिकेता की याद: बता दें कि अभिनंदन ने 1999 में कारगिल हीरो नचिकेता की याद दिला दी है। बता दें कि 1999 में पाकिस्तान की गिरफ्तर में पहुंच गए थे नचिकेता जिन्हें 8 दिन के बाद रिहा किया गया था। गौरतलब है कि MIG 27 से निकलते वक्त उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद नचिकेता को 2003 तक विमान उड़ाने कि इजाजत नहीं मिली थी।
नचिकेता का क्या है कहना: नचिकेता ने बताया था कि वो मेरे जीवन का सबसे अलग अनुभव था। पाकिस्तान में बिताए 8 दिन में उन्हें शारिरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई थी। बता दें कि नचिकेता फिलहाल में एक प्राइवेट एयरलाइन्स के पायलट हैं।

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