तो ‘ताजमहल’ बन जाएगा हेरिटेज होटल! सरकार ने लीज पर दिया

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मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग भोपाल के ऐतहासिक ताजमहल, बेनजीर महल और ग्वालियर के मोती महल तथा पन्ना के महेन्द्र भवन को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करेगा।

पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव हरिरंजन राव ने आज बताया, ‘‘भोपाल स्थित ताजमहल को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने के लिए लीज पर दिया गया है। भोपाल के बेनजीर महल, ग्वालियर के मोती महल और पन्ना के महेन्द्र भवन का मालिकाना हक भी पर्यटन विभाग को मिल गया है। इन्हें भी हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जाएगा।’’ राव ने बताया कि रीवा में गोविन्दगढ़ किले में रेनोवेशन का काम शुरू हो गया है। वर्ष 2019 के अंत तक यह हेरिटेज होटल बनकर तैयार हो जायेगा। भोपाल के बेनजीर महल के लिये निविदा जारी की जा रही है। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग छह हेरिटेज सम्पत्तियों को होटल और कन्वेशन सेंटर के रूप में विकसित कर रहा है। इनमें खजुराहो के राजगढ़ पैलेस, रीवा के गोविन्दगढ़ किला और भोपाल के ताजमहल को निविदा जारी कर लीज पर दिया जा चुका है।
सतना के माधवगढ़ किला, दतिया के राजगढ़ पैलेस और भोपाल के बेनजीर महल के लिये जल्द ही निविदा जारी की जायेगी। इसके अलावा ग्वालियर के महेन्द्र भवन, पन्ना और मोती महल को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग के पास रीवा का क्योटी किला, जबलपुर का रॉयल होटल, कटनी का विजयराघवगढ़ किला, श्योपुर का श्योपुर किला, शिवपुरी का नरवर किला, लुनेरा का सरायी मांडू, मुरैना का सबलगढ़ किला और टीकमगढ़ का बल्देवगढ़ किला हेरिटेज सम्पत्ति बैंक के रूप में उपलब्ध है। इन्हें भी हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया जारी है।
राव ने बताया कि विगत दस वर्षों में मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पचमढ़ी में सीजन के दौरान सभी होटल 90 प्रतिशत तक बुक रहे हैं। इसकी तुलना में अन्य राज्यों के पर्यटन होटल खाली रहे। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में हेरिटेज होटल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस कदम से राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में 25 प्रतिशत वृद्धि हाने की संभावना है।


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