*गाँव में दम तोड रहा स्वच्छ भारत अभियान, प्रधान से लेकर अधिकारियों तक हुई सफाई करावाने की माँग,चोक नालियाँ सड़क पर भरा गन्दा पानी बना गाँव की पहचान,एडीओ* *पंचायत व खण्ड विकास अधिकारी तथा डीपीआरओ नहीं ले रहे सुध पढ़िए लखीमपुर खीरी जिला संवाददाता विकास वर्मा के साथ

 जिला लखीमपुर खीरी से जिला संवाददाता विकास वर्मा की रिपोर्ट

लखीमपुर खीरी-विकास खण्ड बिजुआ क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिजुआ अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है गांव में बदहाली की वह तस्वीर देखने को मिली है जहां पर विकास जैसी बातें हवा हवाई साबित हो रही हैं।गांव में भीषण गन्दगी फैली हुई है नालियों का पानी सड़क पर भर रहा है जिससे रास्ता पूरी तरह से टूट गया है गाँव में सफाई कर्मियों का कहीं नाम पता नहीं है पूरे गाँव की नालियों का पानी सड़क पर भरता है जिसके कारण गाँव में निकलने के लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।यहां तक कि ग्राम प्रधान बिट्टू सिंह ने अभी तक गांव के विकास के लिए कोई भी कदम उठाना उचित नहीं समझ रहे हैं। जब कि गांवो को ओडीएफ बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है लेकिन इस गांव की जो तस्वीर सामने आई है वह अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के आगे बौनी साबित हो रही है।विकास कराने के लिए गांव की ओर न तो ग्राम पंचायत अधिकारी की नजर है और न ही एडीओ पंचायत की नजर पड रही है जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं इस गांव में केवल दिखावा साबित हो रही है। लोगों ने बताया कि समस्या को हल कराने के लिए प्रधान से लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी तक कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे गांव में भीषण गंदगी की समस्या बनी हुई है।जबकि सरकार के द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छ भारत अभियान इस गाँव में दम तोड रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे हैं।सबसे ज्यादा एडीओ पंचायत सिक्रेटरी व डीपीआरओ लापरवाह बने हुए हैं जो गाँव क्षेत्र में औपचारिक निरीक्षण करके शासन को गुमराह  कर रहे हैं जबकि हकीकत कुछ और है।ब्लाक के कुछ गांवों में ज्यादातर लोगों के घरों में शौंचालय तक नहीं बने हैं और घरों की बहू बेटियों को बाहर शौंच के लिए जाना पडता है जबकि भारत सरकार खुले में शौच न जानें के लिए लोगों को जागरूक कर रही है।उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने सबका साथ सबका विकास का जो नारा देकर प्रदेश में सरकार बनाने का सपना पूरा किया था जिसमें सभी का विकास होना चाहिय लेकिन विकास क्षेत्र की एक ऐसी ग्राम सभा अम्बरा में जो तस्वीर सामनें आई है इससे लगता है कि वर्षों पूर्व से यह ग्राम सभा लाल फीता शाही का शिकार है।जिसमे पानी टँकी केवल सफेद हाथी के समान साबित हो रही है जो वर्षो से खराब पड़ी है ग्रामवासियों को पानी की बहुत दिक्कत होती है लेकिन इसकी  सुध लेने वाला कोई नही है।सरकारें बदली निजाम बदले नेताओं ने क्षेत्र के विकास के लिए जनता से बडे बडे वादे भी किये लेकिन गाँव को जाने के लिए कोई भी ऐसा मार्ग नहीं कि जो सही हो रात को यदि किसी बीमार व्यक्ति या फिर गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो अस्पताल पहुँचते पहुँचते उसकी हालत और भी खराब हो जायेगी।गांव को जोडने वाले सभी प्रमुख सम्पर्क मार्गों की हालत दयनीय बनी हुई है।यहाँ के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की मूलभूत व विशाल समस्यायों जैसे सड़क बिजली पानी गाँवो में सफाई व्यवस्था आदि को देखना पडेगा।गाँवो को जोडने वाले सभी रास्ते खस्ताहाल बने हुए है यदि इन सभी गाँवों से किसी मरीज को या फिर गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल को रात में ईलाज कराने के लिए लाना हो तो मरीज की जान खतरे में पड़ जायेगी क्योकिं सड़को की हालत इतनी खराब है कि समय से मरीज को पहुँचाया नहीं जा सकता।

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