परिवहन विभाग के लिए “दाग अच्छे हैं अपनी जिम्मेदारी से पल्लाझाड रहे एआरटीओ खीरी पढ़िए हमारे जिला संवाददाता विकास वर्मा के साथ

 

लखीमपुर से जिला संवाददाता विकास वर्मा की रिपोर्ट

लखीमपुर खीरी-यूपी की सरकारी मशीनरी पर हर बार दाग लगने के बाद भी विभागीय महकमा नहीं जाग रहा है लगातार सडक दुर्घटनाएं बढती जा रही हैं फिर भी पुलिस परिवहन विभाग हांथ पर हांथ धर कर बैठा हुआ है।जनपद खीरी के एआरटीओ और पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही नजर आती है जब कोई बडी घटना होती है तब राज्य सरकार,अधिकारी और नेता के साथ साथ आम जनता भी आवाज उठाने लगती है यदि समय रहते जिले के जिम्मेदार अधिकारी नियमित और समय समय पर अभियान चलायें तो ऐसी होने वाली भीषण सडक दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं।यहां पर यह भी समझना होगा कि केवल चेकिंग करने से ही अपराध व घटनाएं कम नहीं हो सकती इसमें सभी को जागरूक होकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देना होगा तभी यह सम्भव हो सकेगा।जनपद के उच्चाधिकारी डग्गामार वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं यही डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियों को टैक्सी स्टेण्ड से भरते हैं और परमिट से ज्यादा सवारियों को लेकर खुलेआम सडकों पर थाना कोतवाली तथा पुलिस पिकेट के पास से गुजरते हैं।ऐसा नहीं है कि इन वाहनों पर किसी अधिकारी की नजर नहीं पडती लेकिन कोई भी अधिकारी इनको रोंकने तथा कार्रवाई करने की जहमति नहीं उठाता है।जब कोई बडी घटना हो जाती है और जनता की आवाज उठती है तब महकमें के लोग नींद से जागते हैं और कागजी खानापूर्ति करके फिर बैठ जाते हैं आखिर क्यों ऐसा होता है यह बडा सवाल बना हुआ है।जनपद में ऐसे न जाने कितने स्कूल चल रहे हैं जिनका पंजीकरण एक जगह का है चल कई जगह रहे हैं।स्कूल वैन पर अफसरों की सख्ती नहीं हैं जिसके चलते बच्चों को स्कूल वैन में ठूस ठूस कर बैठाया जा रहा है परिवहन विभाग ने कभी कभार अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड लेता है यही नहीं कुछ वाहनों को चालान करके इतिश्री कर लिया जाता है यदि लगातार चेकिंग अभियान व जांच की जाये तो अवैध डग्गामार खचाडा वाहनों से निजात मिल सकती है जबकि स्कूल खुलेआम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है भारी भरकम पैसे लेने के बाद भी मानक विहीन वाहन स्कूलों में चलाए जा रहे है।वाहन चालकों का न तो पुलिस सत्यापन कराया जाता है न ही उनकी जांच की जाती है ऐसे में अप्रशिक्षित वाहन चालक लगातार नियमों के विपरीत वाहन चलाते हैं और बडी घटना को भुगतना प्रशासन तथा जनता को पडता है।एआरटीओ विभाग के लोग सिर्फ दलाली करने में मस्त रहते हैं और रात में हाईवे पर गाड़ी लगाकर वाहनों से केवल वसूली तक सिमित रहते हैं जिसका नतीजा यह होता है कि लोग आसमायिक मौत के मुंह में चले जाते हैं और परिवार में जिन्दगी भर के लिए दर्द बना रहता है।

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