कैराना उपचुनाव: भाभी के लिए देवर ने छोड़ी सीट, बढ़ी बीजेपी की मुश्किल

उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा की सीट के लिए उपचुनाव बेहद नजदीक होने के साथ ही सियासी दलों की जोर-आमाइशों के साथ-साथ नाटकीय घटनाक्रम भी सामने आ रहे हैं। कैराना में एक उम्मीदवार ने विरोधी पार्टी से चुनाव लड़ रही अपनी भाभी की खातिर अपना नाम वापस ले लिया और समर्थन भी दे दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकदल के कंवर हसन ने विरोधी पार्टी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) से चुनाव लड़ रहीं अपनी भाभी तबस्सुम हसन के लिए गुरुवार (24 मई) को अपनी उम्मीदवारी का त्याग कर दिया। मजेदार बात यह भी रही कि हसन ने तबस्सुम का समर्थन करने की भी घोषणा की। तबस्सुम पूर्व बसपा सांसद मुनव्वर हसन की पत्नी हैं और कैरान से समाजवादी पार्टी की सांसद रह चुकी हैं। वह हाल ही में राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुई थीं, जहां पार्टी ने उन्हें कैराना से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। कैराना में भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और निषाद पार्टी गोलबंदी कर तबस्सुम का समर्थन कर रही हैं।

विपक्षी दलों की गोलबंदी से अल्पसंख्यक वोट आरएलडी की तरफ जाने के संभावना बनती लग रही है। अगर ऐसा होता है तो बीजेपी की उम्मीदवार मृगांका सिंह के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। पिछले दिनों आरएलडी के नेता जयंत चौधरा ने लखनऊ आकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच यह फैसला हुआ है कि कैराना लोकसभा सीट पर आरएलडी अपना उम्मीदवार उतारेगी और सपा नूरपुर विधानसभा सीट के लिए होने जा रहे उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी। खबर यह भी है कि आरएलडी नेता ने इस बाबत बसपा सुप्रीमो मायावती से भी बात की थी।
बता दें कि कैराना से सांसद हुकुम सिंह और नूरपुर विधानसभा सीट पर विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के निधन के बाद ये सीटें खाली हुई थी। कैराना से जहां हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह भाजपा उम्मीदवार हैं, वहीं नूरपुर में अवनी सिंह को भाजपा ने मैदान में उतारा है। उपचुनाव के लिए मतदान 28 मई को होना है और नतीजे 31 मई को आएंगे।

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