उद्धव ठाकरे ने वह किया, जो राज ठाकरे ने नहीं किया पढ़िए मुंबई के वसई से महाराष्ट्र स्टेट हेड मोहम्मद अनीस सिद्धकी की रिपोर्ट

 मुंबई के वसई से महाराष्ट्र स्टेट हेड मोहम्मद अनीस सिद्दीकी की खास रिपोर्ट-   8652244183

 भारत के किसी भी राज्य  मे एचबीएन न्यूज़ चैनल से जुड़ने के लिए आप हमें अपना रिज्यूम WhatsApp करें-9719617326


संबोधन कर कुत्ता का अपमान नहीं करना चाहता हूँ : उद्धव ठाकरे
 / वसई :-  गत माह पूर्व वसई के एक सभा में मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा वसई को महत्व नहीं देते हुए ठाकुर के खिलाफ चुप्पी साधे  हुई थी, लेकिन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को आयोजित एक चुनावी सभा में बविआ सुप्रीमों को जमकर हमला किया गया| उन्होंने मुख्यमंत्री के “इलाका कुत्तों का होता है ” पर ठाकुर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुत्ता कहकर कुत्तों का अपमान नहीं करना चाहता हूँ, ठाकरे द्वारा ठाकुर पर किये गए तीखे हमले से हजारों संख्या में उपस्थित शिवसैनिकों में नया संचार व उत्साह देखा गया| ठाकुर पर शिवसेना प्रमुख के तीखे हमले से वसईकरों में एक चर्चा बना हुआ है कि उद्धव ठाकरे की बात है, जो राज ठाकरे में मौजूद नहीं हैं। ज्ञात हो कि वसई-विरार हितेंद्र ठाकुर के “बविआ” का एक अजेय किला है| पिछले कई वर्षों से लगातार ठाकुर का वसईकरों पर एकमेव सत्ता है| महानगर पालिका के 115 नगर सेवकों में 109 बविआ के नगर सेवक मनपा में है| जिले के तीन विधान सभा क्षेत्र में बविआ के विधायक है| ठाकुर के वर्चस्व के कारण अन्य पार्टी वसई में बढ़ नहीं रही है | क्योंकि अन्य पार्टी के नेता वसई में आने के बाद ठाकुर की आलोचना नहीं कर पाते है| 1 मई 2018 को 13 वर्षों के बाद राज ठाकरे वसई में एक आम सभा को संबोधित किया गया| नागरिकों को उक्त सभा में ठाकुर व उनकी सत्ता के खिलाफ बोलने की अपेक्षा की हुई थी, लेकिन ठाकुर के नाम पर ठाकरे की चुप्पी वसईकरों के लिए एक प्रश्न बनता दिखाई दिया| हजारों कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गयी| इसकी तीव्र प्रतिक्रिया भी नागरिकों में देखी गयी| वही बुधवार को उद्धव ठाकरे की ओर से वसई की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ठाकुर को धमकी देते हुए कहा कि यहां गुंडागिरी नहीं चलने दिया जायेगा | ठाकुर के खिलाफ किये गए इस भाषण से शिव सैनिकों के मनोबल को उठाया है। राज ठाकरे की चुप्पी बात मातोश्री तक भी पहुंचा था| पालघर लोकसभा के उपचुनाव के प्रचार में मुख्यमंत्री ने “कुत्तों का इलाका होता है, हम शेर है” और उद्धव ठाकरे ने भी कुत्ता संबोधन कर कुत्तों का अपमान नहीं करना चाहता हूँ के उद्द्गार का शिक्षित वर्गों में आलोचना की जा रही है| नागरिकों के अनुसार राजनीतिक,विविध घोटालों और अन्य स्तरों पर आलोचना करना उचित है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *