Flipkart-Walmart Deal: 1 लाख करोड़ रुपए में वॉलमार्ट ने खरीदी फ्लिपकार्ट

सॉफ़्टबैंक के संस्थापक और सीईओ मसायोशी सन ने बुधवार (9 मई) को अमेरिका की खुदरा विक्रेता वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट को खरीदने की पुष्टि की है। हालांकि यह डील कितने रुपए में हुई है इसका खुलासा नहीं किया गया है। सन ने कहा ‘पिछली रात को वो अंतिम एग्रीमेंट पर पहुंच गए। ये फैसला हुआ कि फ्लिपकार्ट अमेरिका की वॉलमार्ट को बेची जाएगी।’ सॉफ्टबैंक का कंपनी में 20 फीसदी हिस्सा है। सॉफ्टबैंक Flipkart में सबसे बड़ा निवेशक है। उन्होंने कहा कि इसमें सॉफ्टबैंक का हिस्सा 26.4 हजार करोड़ का है। सन ने ये हिस्सा 16.5 हजार करोड़ में खरीदा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक 16 अरब डॉलर (1 लाख करोड़ रुपये) में Flipkart-Walmart डील हुई है। इसमें वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट का 77 फीसदी हिस्सा खरीद लिया है।

वॉलमार्ट ने सिग्नल दिया है कि वो भारतीय मैनेजमेंट को फिलहाल बनाए रखेंगे। अभी ई कॉमर्स कंपनी को को-फाउंडर बिन्नी बंसल चला रहे हैं। इस डील के बाद फ्लिपकार्ट का वैल्युएशन 1.3 लाख करोड़ (21 अरब डॉलर) हो जाएगा। सचिन बंसल अपना 5.5 फीसदी हिस्सा बेचकर कंपनी से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे। डील के बाद वॉलमार्ट कंपनी में कितना पैसा डालेगी ये अभी तय नहीं है। फ्लिपकार्ट में कई विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी है। फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट इस डील पर पिछले 1 साल से चर्चा कर रहे हैं। इस डील में सॉफ्टबैंक अपना हिस्सा बेचने जा रहा है। उसकी ई कॉमर्स कंपनी में 20 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। इससे पहले अमेजन ने भी फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए ऑफर दिया था। इस डील के बाद कर्मचारियों का क्या होगा अभी ये तय नहीं है।
फ्लिपकार्ट की स्थापना साल 2007 में अमेजन के पूर्व कर्मचारियों सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने की थी। अमेज़ॅन की तरह यह एक ऑनलाइन बुकस्टोर के रूप में शुरू हुआ था। फ्लिपकार्ट अब जूते, सोफा और सौंदर्य उत्पादों को चलाने के लिए मोबाइल फोन, टेलीविजन समेत बहुत कुछ बेचता है। विश्लेषकों का कहना है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स अधिग्रहण होगा। इस सौदे से साल 2013 में भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेज़ॅन को झटका लगा है।

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