स्‍कूटर में नंबर प्‍लेट पर लिखा था ‘कलेक्‍टर का भाई लखमी सिंह मीना’, पकड़ाने पर झाड़ने लगा रौब

रौब झाड़ने के लिए लोग क्या-क्या करते हैं, इसका नमूना मध्य प्रदेश में देखने को मिला, जब एक स्कूटी की प्लेट पर नंबर की जगह कलेक्टर का भाई लिखा मिला। आरटीओ ने जब चालान काटने की तैयारी की तो स्कूटी चालक ने कहा-जानते नहीं मेरे भाई कलेक्टर हैं। इस पर आरटीओ ने नियम-कायदा सबके लिए एक होने की बात करते हुए चालान काटा और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया।

घटना मध्यप्रदेश के श्योरपुर की है। आरटीओ के स्तर से वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान स्कूटी पर नजर पड़ी तो यह देखकर दंग रह गए कि नंबर की जगह प्लेट पर कलेक्टर का भाई लखमी सिंह मीणा लिखा था।उन्होंने स्कूटी रोकवा ली और नेम प्लेट पर कलेक्टर का भाई लिखाने के बारे में पूछा तो मीणा भड़क गए और बोले कि मेरा भाई कलेक्टर है। इस पर आरटीओ उन्हें कलेक्ट्रेट लेकर गए। जहां पता चला कि मीणा के रिश्ते के भाई राजस्थान के किसी जिले में कलेक्टर हैं।
लखमी सिंह मीणा ने कथित कलेक्टर भाई का विजिटिंग कार्ड भी दिखाकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की मगर आरटीओ एबी कैबरे पर कोई फर्क नहीं पड़ा। आरटीओ ने आखिरकार चालान करके ही स्कूटी छोड़ी।उधर जब विजिटिंग कार्ड के आधार पर स्थानीय पत्रकारों ने राजस्थान में तैनात आईएएस हर सहाय मीणा से लखमी सिंह से रिश्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने किसी रिश्तेदारी से इन्कार किया। बहरहाल यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय है।
बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से वीआईपी कल्चर खत्म करने के उद्देश्य से मंत्रियों-अफसरों के लाल-नीली बत्तियों वाली कार से चलने पर रोक लगा दी गई है। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार भी वीआईपी कल्चर खत्म करने पर जोर दे रही है। मंत्री और अफसर काफी हद तक इससे बचते दिख रहे हैं। मगर उनके दूर-दराज के रिश्तेदार या परिचित खुद को वीआईपी मानकर रौब गांठने की कोशिश करते हैं। मध्य प्रदेश की घटना इसका उदाहरण बताई जाती है।

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