मेरी बीमार मां को भी आधार के चलते पेंशन मिलने में हुई थी परेशानी- सुप्रीम कोर्ट में जज ने सुनाई आपबीती

आधार प्रमाणीकरण को लेकर जारी दिक्कतों का शिकार सिर्फ आप नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के जज का परिवार भी हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में आधार कार्ड की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान जज ने आपबीती बताई। जस्टिस डी चंद्रचूड़ ने कहा-उनकी मां अल्जाइमर से परेशान हैं, उन्हें आधार के चलते पेंशन मिलने में दिक्कत हुई।जस्टिस चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के उन पांच जजों में शामिल है, जो आधार कार्ड की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई कर रहे हैं।
तीन मई को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सिम को आधार कार्ड से जोड़ने के फैसले का बचाव किया था,हालांकि कोर्ट ने कहा था कि उसके आदेश की सरकार ने गलत व्याख्या की, जबकि आधार कार्ड को मोबाइल सिम के लिए अनिवार्य करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया ही नहीं। याचिकार्ता ने अपनी याचिका में आधार कार्ड के तकनीकी पहलू पर तकनीकी विशेषज्ञों के हवाले से कहा था कि इसके जरिए नागरिकों की रियल टाइम निगरानी संभव है। इससे पहले अदालत ने सरकार के इस तर्क से भी सहमति नहीं जताई थी, जिसमें कहा गया था कि लोकसभा अध्यक्ष ने आधार कानून को मनी बिल का दर्जा दिया है, क्योंकि आधार कार्ड ने सब्सिडी के लक्षिण वितरण का निपटारा किया, जिसके लिए देश की समेकित निधि से बजट जारी होता है।
सेवाओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किए जाने पर संवैधानिक पीठ में शामिल जज जस्टिस एके सीकरी, एम खनविल्कर, अशोक भूषण और जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने-अपने अनुभव सुनाए। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा-मेरी मां बीमार हैं, वह अल्जाइमर से पीड़ित हैं, उन्हें भी आधार कार्ड के चलते पेंशन मिलने में परेशानी हुई।उन्हें पेंशन के लिए अगूठे का छाप देना पड़ा। मुझे याद है, हर महीने बैंक मैनेजर का प्रतिनिधि घर आकर कुछ दस्तावेजों पर उनके अंगूठे का छाप लेता था, तब पेंशन मिल पाती थी। इस नाते यह गंभीर मामला है।
90 वर्षीय महिला को बैंक खाता बंद करने की धमकीःहाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश जस्टिस केएस पुत्तस्वामी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में बहस के लिए उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि एक 90 वर्षीय पेंशनर महिला को बैंक वाले आधार कार्ड न देने पर खाता बंद करने की धमकी देते हैं,इसी बैंक खाते से मिलने वाली पेंशन से महिला का बुढ़ापे में गुजारा होता है।
अधिवक्त श्याम दीवान ने विश्व बैंक की उस रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगाया, जिसमें आधार कार्ड की प्रशंसा की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने आधार योजना को आगे बढ़ाने पर फोकस किया था।अधिवक्ता ने कहा कि विश्व बैंक ने यह रिपोर्ट एक एजेंसी के साथ मिलकर तैयार की, जो एजेंसी आधार कार्ड की एजेंसी यूआईडीएआई के साथ पार्टनर रह चुकी है।

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