मुरारी बापू बोले- दलितों के यहां खाना मत खाओ, बेटी से करो शादी

जाने माने धार्मिक कथावाचक मोरारी बापू ने दलितों के घर नेताओं के खाना खाने को लेकर बयान दिया है। मोरारी बापू झारखंड के जमशेदपुर में रामचरित मानस सत्संग में मौजूद थे। बिष्टुपुर गोपाल मैदान में बने चित्रकुटधाम में सत्संग के दौरान मोरारी बापू ने कहा कि किसी दलित के घर एक वक्त का भोजन करने से कुछ नहीं बदलने वाला है। जातिगत उत्थान करना है तो उनकी बेटी से विवाह करो। रोटी-बेटी का संबंध करो, तभी कल्याण होगा। सत्संग के दौरान बुधवार (9 मई) को मोरारी बापू ने कहा कि इन दिनों राजनीतिक दलों में दलितों के घर खाना खाने की नई परंपरा शुरू हो गई है। फैशन चल पड़ा है। मैं इस परंपरा का विरोधी हूं।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के सभी सासंदों, विधायकों और मंत्रियों को यह निर्दश दिया है कि वो अपने – अपने क्षेत्र में एक दलित के घर जाएं और ना सिर्फ वहां चौपाल लगाएं बल्कि दलित के घर भोजन भी करें। प्रधानमंत्री के इस निर्देश के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर अब तक कई सारे नेताओं ने दलितों के घऱ रात गुजारी है। हालांकि भाजपा नेताओं का दलितों के घर जाना कई बार विवादों में भी आया। कई बार दलितों के घर में बाहर से खाना मंगवाया गया तो कहीं नए बर्तन में नेताओं ने खाना खाया।

यहां आपको याद दिला दें कि कई लोगों ने अब तक दलितों के घर भोजन करने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्वीट कर इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ‘ अगड़ी जाति के लोगों द्वारा दलितों के घरों मे भोजना करना काफी नहीं हैं। उन्हें दलितों से शादी करनी चाहिए और दलितों को पुजारी भी बनाना चाहिए। उत्तरी पश्चिमी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के ही एक दलित सांसद उदित राज ने इस मुद्दे पर कहा था कि समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इस तरह की चीजें पर्याप्त नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश के बहराइच सीट से भाजपा की सासंद सावित्री बाई फुले ने इसे नौटंकी और बहुजन समाज का अपमान करार दिया था। उन्होंने कहा था कि दिखावे के लिए दलितों के दरवाजे पर खाना खाकर फोटो खिंचवायी जा रही है और उन्हें व्हाट्सअप, फेसबुक पर वायरल कर वाहवाही लूटी जा रही है।

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