महाराष्ट्र: सब्जी बेचने वाले को भेजा 8 लाख का बिजली बिल, गरीब ने दे दी जान

भाजपा शासित महाराष्ट्र में राज्य बिजली बोर्ड की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसकी कीमत एक गरीब को जान देकर चुकानी पड़ी है। यह घटना राज्य के औरंगाबाद जिले की है। महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड (एमएसईबी) ने भारत नगर इलाके के रहने वाले जगन्नाथ नेहाजी शेल्के को बिजली बोर्ड ने 8.65 लाख रुपये (अप्रैल महीने के लिए) का बिल भेज दिया था। ‘द हिन्दू’ के अनुसार, इससे परेशान जगन्नाथ ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने गुरुवार (10 मई) को बताया कि जगन्नाथ ने सुबह 4.30 से 5 बजे के बीच फांसी लगाई थी। 17 मई तक बिजली बिल का भुगतान न करने पर 10 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना भी देना पड़ता। जगन्नाथ सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लाखों का बिजली बिल होने से वह काफी तनाव में था। जगन्नाथ ने एक नोट भी छोड़ा जिसमें उसने भारी-भरकम बिजली बिल होने के कारण जान देने के लिए मजबूर होने की बात लिखी थी। पुलिस ने उस नोट को अपने कब्जे में ले लिया है।
बिजली बोर्ड के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग: जगन्नाथ के परिजनों ने शव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। वे महाराष्ट्र बिजली बोर्ड के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जगन्नाथ ने इसको लेकर बिजली बोर्ड के अधिकारियों से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने बिल का भुगतान करने को कहा था। आरोप है कि बोर्ड उनकी बातों को सुनने के लिए तैयार ही नहीं थे।

बोर्ड के क्लर्क की लापरवाही: औरंगाबाद स्थित बिजली बोर्ड ने मामले के संज्ञान में होने की बात कही है। अधिकारियों ने बताया कि एक क्लर्क की लापरवाही के कारण गलत बिल बन गया था। बोर्ड के अफसरों ने बताया कि जगन्नाथ ने हाल में ही बिजली का नया मीटर लगाया था। गलत बिल बनाने वाले कर्मचारी की पहचान सुनील कौल के तौर पर की गई है। सूत्रों का कहना है कि जगन्नाथ द्वारा आत्महत्या करने की घटना सामने आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया। बता दें कि बिजली वितरण करने वाली कंपनियों (सरकारी और निजी) द्वारा अक्सर गलत बिजली बिल भेजने की खबरें सामने आती रहती हैं।

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