कर्नाटक: PM की दावेदारी पर टाला सवाल, राहुल गांधी बोले- मुद्दे भटकाते हैं नरेंद्र मोदी

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है, “पीएम देश में दलितों का मुद्दा नहीं उठा रहे हैं। वह इसके बजाय हमारी (कांग्रेस की) बात कर रहे हैं। लेकिन हम तो दलितों की ही बात करेंगे।” राहुल इसी के साथ अपनी पीएम बनने की दावेदारी पर सवाल टाल गए। उन्होंने इस पर जवाब दिया, “पीएम मोदी ने मुद्दा भटकाने की कोशिश की है।” आपको बता दें कि कर्नाटक में 224 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए चुनाव होने हैं। 12 मई को मतदान होगा, जबकि 15 मई को नतीजे आएंगे। गुरुवार (10 मई) शाम के बाद यहां चुनाव प्रचार थम जाएगा।

ऐसे में प्रचार के अंतिम दिन राहुल बेंगलुरू में प्रेस कॉन्फेंस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम ने कर्नाटक के लिए कुछ भी नहीं किया। वह भ्रष्टाचार की बात करते हैं, जबकि येदियुरप्पा भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। रेड्डी बंधुओं ने यहां के लोगों का खूब पैसा लूटा है। कांग्रेस अध्यक्ष से आगे पीएम बनने पर भी टिप्पणी मांगी गई। लेकिन वह पत्रकारों के इस सवाल से बच कर निकल गए। बोले, “पीएम मुद्दा भटका रहे हैं।”
याद दिला दें कि राहुल ने परसों (आठ मई) को अपने पीएम बनने की दावेदारी पेश की थी। कहा था, “मैं क्यों नहीं पीएम बन सकता। अगर 2019 में कांग्रेस की सरकार बनी तो वह पीएम बनेंगे।” पीएम मोदी ने इसके बाद बुधवार (नौ मई) को राहुल को दबंग और अंहकारी बताते हुए बाल्टी रखने वाला बताया था।

राहुल यहीं नहीं रुके। वह बोले, “बीजेपी हिंदू का मतलब नहीं जानती। मैं मंदिर-मस्जिद जाता रहा हूं। वह हिंदू शब्द से वाकिफ नहीं है, इसलिए मुझे चुनावी हिंदू कहती है। पीएम चीन गए लेकिन डोकलाम पर एक लफ्ज नहीं बोले। वह बिना एजेंडा के वहां गए थे, जबकि असल एजेंडा डोललाम था।” उनके मुताबिक, “मेरी मां ने देश के लिए बहुत सहा है। बीजेपी में गंभीरता की कमी है।” राहुल ने इसी के साथ आगे पत्रकार से पूछा, “निजी हमले वाला मोदी का टोन आपको ठीक लगता है?” बीजेपी ने सोनिया को इटली वाले नाम से पुकारा था। उन्हें माइनो कहा था।

वह आगे बोले, “मेरी मां इटली मूल की भले ही हों। लेकिन वह उससे कहीं ज्यादा भारतीय हैं। ये चुनाव मेरे पीएम बनने के लिए नहीं है। बीजेपी 2019 का चुनाव हार जाएगी। कर्नाटक में कांग्रेस ही बाजी मारेगी। ये कर्नाटक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा के बीच की जंग है। असलियत है कि वे बुरी तरह से घबरा चुके हैं और उन्हें अपनी हार का अहसास हो गया है।”

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