ईरान परमाणु समझौते से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने खींचे हाथ, ओबामा ने बताया ‘भारी भूल’

राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने मंगलवार (8 मई) को ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक परमाणु करार को खत्‍म करने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि वह दुनिया को सुरक्षित बना रहे हैं। राष्‍ट्रपति के अनुसार 2015 में हुआ समझौता ”भयावह एकतरफा सौदा था जो कभी नहीं होना चाहिए था।” ट्रंप ने ऐलान किया कि परमाणु हथियारों को लेकर ईरान की मदद करने वाले देशों पर अमेरिका ”कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू करेगा।” अमेरिका और ईरान के अलावा इस समझौते में शामिल ब्रिटेन, चीन, जर्मनी, फ्रांस और रूस में से ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ट्रंप के इस फैसले पर खेद व्‍यक्‍त किया है।

पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा, जिनके कार्यकाल में यह सौदा पूरा हुआ, ने इसे ”एक भारी भूल” बताया जो कि अमेरिका की वैश्विक साख को खत्‍म कर देगा। उन्‍होंने कहा कि ट्रंप का सौदा खत्‍म करने का फैसला ‘भटकावपूर्ण’ है क्‍योंकि ईरान सौदे पर अमल करता आ रहा है। ओबामा ने चेतावनी देते हुए कहा, ”जिन समझौतों का हमारा देश सदस्‍य हैं, उन्‍हें खत्‍म करने से अमेरिका की साख कम होती है और दुनिया की बड़ी ताकतों के सामने हमें कमजोर करती है।”
पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा कि इस करार के खत्‍म होने के बाद अमेरिका के पास ”यही विकल्‍प बचेंगे कि उसे परमाणु शक्ति संपन्‍न ईरान या मध्‍य-पूर्व में एक और जंग में से एक को चुनना होगा।” ट्रंप के इस फैसले का मतलब यह है कि ईरान की सरकार को अब यह तय करना होगा कि वह अमेरिका के नक्‍शेकदम पर चले या करार में बची-खुची चीजें समेट नें। ईरानी राष्‍ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनका मुल्‍क इस करार में बना रहेगा।

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