अंधड़ की चेतावनी से सहमे रहे दिल्ली और सीमाई इलाके

भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) की छह से आठ मई के बीच धूल भरी आंधी, बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं की चेतावनी के बीच दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार रात मध्यम दर्जे की धूल भरी आंधी आई। हवा की गति सफदरजंग मौसम केंद्र पर 64 किमी जबकि चंडीगढ़ में शाम 8:40 बजे 62 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। इसे पहले मौसम विभाग ने दिल्ली, गुड़गांव , नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शाम को आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी। पर इसका असर ज्यादा नहीं रहा। देर रात तक कहीं से जान-माल की नुकसान की खबर नहीं आई। कुछ जगह पेड़ वगैरह गिरे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों ऐसा ही मौसम रहने की बात कही है। हालांकि मंगलवार को आई चेतावनी के कारण सड़क पर आवाजाही कम रही। शाम को ही लोग घरों में कैद हो गए। मौसम विभाग का अलर्ट शाम सात बजकर 22 मिनट से लेकर रात दस बजकर 22 मिनट तक के लिए था। इस बीच विभाग ने उत्तर प्रदेश के मेरठ और राजस्थान के अलवर के लिए भी तूफान की चेतावनी जारी की है। राजस्थान के हनुमानगढ़ में आंधी-तूफान से दो लोगों के मरने की खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में हो रही ये मौसम गतिविधियां धीमी पड़ जाएंगी, लेकिन 13 मई फिर कुछ नए मौसमी तंत्र विकसित हो रहे हैं जिनके प्रभाव से लगभग पूरे देश में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
मौसम विभाग से छह से आठ मई के बीच दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में तूफानी हवाएं चलने और बारिश की चेतावनी जारी की थी। मंगलवार रात को दिल्ली-एनसीआर और उत्तर पश्चिम के कई भागों में तेज धूल भरी आंधी आई, लेकिन इसका जोर कमजोर रहा। आइएमडी के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा, दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी आई। राजस्थान के 21 जिलों में अलर्ट जारी था और स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई थीं। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी राजस्थान में बारिश के साथ तूफानी आंधी देखी गई। शिमला में भारी बरसात हुई जबकि चंडीगढ़ में भी दो घंटों तक बादल बरसते रहे। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश भी दर्ज की गई। इससे पहले सोमवार रात आई आंधी में सबसे तेज हवा की गति दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में दर्ज की गई। अलीगढ़ में हवाओं की रफ्तार 50 और मुरादाबाद में 55 किमी प्रति घंटा रही।
मौसम विभाग के अगले पांच दिनों के लिए जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, जिसके प्रभाव के कारण दिल्ली सहित पूरे उत्तर पश्चिम भारत में कई जगहों पर धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही थी, वह अब पूरब की तरफ बढ़ जाएगा। इससे इन गतिविधियों में बुधवार से काफी कमी आ जाएगी। हरियाणा और उसके आसपास निचले स्तर पर बनीं चक्रवाती हवाएं भी पूरब की ओर बढ़ते हुए कमजोर पड़ जाएंगी। हालांकि, मौसस विभाग ने कहा है कि 13 मई से एक और पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमायली क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। वहीं अगले एक हफ्ते तक दक्षिणी प्रायद्वीप क्षेत्र में चक्रवातीय हवाओं का प्रभाव रहेगा। विभाग का कहना है कि इन दो मौसमी गतिविधियों के कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, उत्तर-पूर्व और प्रायद्वीपीय भारत में 13 मई से गरज के साथ तूफान की आशंका बन रही है। उसके पहले अगले चार-पांच दिनों तक पश्चिमी बंगाल, सिक्किम, ओड़ीशा, झारखंड के कुछ जगहों और पूर्वोत्तर राज्यों में कई जगहों पर बारिश, गर्जन और मध्यम श्रेणी के तूफान की आशंका है। वहीं राजस्थान और महाराष्ट्र में तेज गर्मी रहेगी और कुछेक जगहों पर लू चलने की संभावना है।

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