*जमीयत उलमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल अलीफ फ़ारूक़ी साहब की प्रेस कॉन्फ्रेंस

 मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना से संजीव कुमार बंसल की रिपोर्ट

*कुछ लोग तो धर्म की आड़ में ही राजनीति कर रही है*
*गांय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे केंद्र सरकार* 
*बाबरी मस्जिद व रामजन्म भूमि के मुद्दे से हटकर लड़े चुनाव*
बुढाना-मुजफ्फरनगर भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। जहाँ एक बगीचे में तरह-तरह के फूल खिलते है व भारत में सभी धर्मो के व्यक्तियों को अपने-अपने धर्मानुसार जीने की पूर्ण स्वतन्त्रा है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व देश के माहौल को खराब करने के लिए कोशिश में लगे रहते है तथा हिन्दू मुस्लिमो के बीच खाई पैदा कर अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकते है। इन विचारो को लखनऊ से आये जमीयत उलमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव व दाऊल उलूम देवबन्द की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी ने नई बस्ती स्थित आसिफ कुरैशी के निवास खादिम हाऊस पर आयोजित प्रेस काँफ्रेस में पत्रकारो को सम्बोधित करते हुंये प्रकट किये। मौलाना फारूकी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिन्द एक अराजनैतिक संगठन है जिसने हमेशा से ऐसे असामाजिक तत्व व साम्प्रदायिक शक्तियों का विरोध किया है। उन्होंने बगैर किसी पार्टी का नाम लिये हुये कहा कि कुछ राजनैतिक पार्टीयों की तो राजनीति ही धर्म पर चल रही हैं उन्होने कहा कि राम जन्मभूमि व बाबरी मस्जिद पर राजनीति बन्द कर मैदान में आकर तन्हा तन्हा चुनाव लडे ना कि ऐसे मुद्दे उठाकर। मौलाना फारूखी ने कहा कि ऐसी पार्टीयो के नेता आपस में एक दूसरे को लडाकर सत्ता पर काबिज हो जाते है। मौलाना फारूकी ने जमीयत उलमा-ए-हिन्द के इतिहास पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुये कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने देश की आजादी की लडाई में विशेष भूमिका निभाई थी तथा जमीयत के ही सपूतो ने पूर्ण स्वतन्त्रा की मांग को लेकर आन्दोलन चलाया था। मौलाना फारूकी ने तीन तलाक वाले सवाल पर कहा कि केन्द्र सरकार बिना वजह ऐसे मुद्दे उठाकर शरीयत में हस्तक्षेप करना चाहती है जो कि शरीयत से जुडा मामला है। मौलाना फारूकी ने कहा कि इस्लामी शरीयत को मुसलमान चैदह सौ सालो से मानता आ रहा है तथा ऐसे ही मानेगा। बाबरी मस्जिद प्रकरण में श्री श्री रविशंकर की समझौते वाले प्रस्ताव के सवाल पर मौलाना फारूकी ने जवाब देते हुयें कहा कि बाबरी मस्जिद प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस केस को जमीयत उलमा-ए-हिन्द भी सुप्रीम कोर्ट में लड रही है और उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ही फैसला सर्वोपरि होगा। मौलाना फारूकी ने कहा कि  श्री श्री रवि शंकर को याद होना चाहिये कि इस मुद्दे को लगभग कई बार अदालत से बाहर निपटाने की कोशिश चली लेकिन अच्छा नतीजा सामने नहीं आया। मौलाना फारूकी ने जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा गाँय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाली मांग का समर्थन करते हुये कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार गाँय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षो से गाँय के नाम पर देश में कुछ साम्प्रदायिक व्यक्तियों द्वारा राजनीति की जा रही है जो कि निन्दनीय है। कठुआ उन्नाव आदि स्थानो पर हुये  रेप वाले सवाल पर कहा कि ये सरकार की लापरवाही का नतीजा है। जो कि एक के बाद एक दरिन्दो ने मासूम बच्चियों के साथ दरिन्दगी की है। उन्होंने रेप के आरोपियों पर फंासी की सजा के लिये लाये गये कानून की सराहना की। मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिन्द उन व्यक्तियों के केसो की भी अदालत में पैरवी कर रही है जिन्हे झूठा एवं संगीन इल्जाम में फसाया गया है और जेलो के अन्दर ठूंस दिया गया। उन्होंने कहा कि हम ऐसे मामलो में सिविल कोर्ट एवं जिला एवं सेशन कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाते है और उसका नतीजा ये आता है कि दस-दस, बीस-बीस साल बाद ये बेकसूर लोग जेलो से बाईज्जत बरी होकर आते है। उन्होने कहा कि अल्लाह का फजल है कि सैकडो लोग जमीयत उलमा-ए-हिन्द की मजबूत पैरवी  से बरी एवं जमानत पर रिहा हो रहे है। जिनमें हिन्दू भी है तथा मुसलमान भी है। मौलाना फारूकी ने मु0नगर तंगे के सवाल पर कहा कहा कि जो लोग दंगा कराने वाले होते है वे दंगाई होते है उन्हें धर्म से जोडकर नहीं देखना चाहिये। मु0नगर दंगे के मुकदमो को वापस लेने वाले सवाल पर मौलाना फारूकी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिन्द इसका सख्त विरोध कर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जायेगी। जमीयत उलमा-ए-हिन्द बगैर किसी भेदभाव के बेकसूरो का साथ देती चली आ रही है। मौलाना फारूकी ने उन लोगो पर तंज कसते हुये कहा कि केन्द्र सरकार को चाहिये कि जो लोग समाज को तोडने के लिये गलत ब्यान बाजी करते रहते है केन्द्र सरकार उन पर अंकुश लगाये। मौलाना फारूकी ने जमीयत उलमा-ए-हिन्द की जानिब से संदेश देते हुये कहा कि हमारा तो यही संदेश है कि देश में सभी धर्मो के लोग आपस में प्यारो-मौहब्बत व मेल जोल के साथ रहे और साम्प्रदायिक शक्तियों से डटकर मुकाबला करें और सावधान रहे तथा नफरत का जवाब प्यार से दे। इस प्रेस काँफ्रेस के दौरान आसिफ कुरैशी के साथ साथ मौलाना इमरान, हाफिज तहसीन , इनाम मेहर, मौ0 इस्लाम, शाहिद, आदि लोग भी मौजूद रहे।

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