इमरजेंसी की चौखट पर धूप में घण्टो बेहोश पड़ा तड़पता रहा युवक,इलाज केलिए नही उठे,डॉक्टर

 देवीपाटन मंडल ब्यूरो विजय प्रताप गुप्ता की रिपोर्ट
मानवता को शर्मशार करने के लिए काफी है ये घटना।
जहाँ बेदर्द हो हाकिम वहा फरियाद क्या करना।,,,,,,,,

ये पंक्तियां जिला अस्पताल के बेशर्म चिकित्सा कर्मियों पर बिल्कुल सटीक बैठती है।

बीमारों की तड़प और उनके दुखदर्द से जिला अस्पताल के कर्मचारियों को कोई मतलब नही अगर यकीन न हो तो ये तस्वीर जरा गौर से देखिये चिलचिलाती धूप में इमरजेंसी की चौखट पर तड़प रहे इस मरीज से चिकित्सा कर्मचारी बेखबर है या इन चिकित्सको की मानवीय संवेदना मर चुकी है या फिर ये निहायत बेशर्मी पर उतर आए है। स्थिति का अंदाजा लगाने के लिए ये चंद तस्वीरे काफी है जिला अस्पताल का पोल खोलने के लिए । अब जरा इन चंद तस्वीरों में जिला अस्पताल के एमजेंसी की चौखट पर इलाज के लिए तड़प रहे इस युवक की तस्वीर पर गौर फरमाइए।

तपती धूप में तड़प रहा मरीज लापरवाह स्वास्थ्य को नही दिख रहा है। हा ये जरूर है कि स्वास्थ्य कर्मी इस तड़पते युवक के अगल बगल से आ जा रहे है।

अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक आराम से अपनी सीट पर जमे बैठे है लेकिन शायद बेदर्दी का काला चश्मा इनकी आंखों पर इतना फिट बैठ गया है। की इन्हें महज पांच कदम की दूरी पर तेज धूप में  फर्श पर तड़पता युवक नही दिख रहा है।

अब ऐसे जिम्मेदारों से भला मरीजो का भला क्या होगा इसका अंदाजा पाठक स्वंय लगा सकते है। मानवीय सम्वेदना को तार-तार करने वाला दॄश्य देखकर अच्छे अच्छो के दिल पसीज जाए मगर अस्पताल के बेदर्द हाकिम है कि इनके कानो पर जूं भी नही रेंगती। ऐसे में इन मरीजो को ऊपर वाले के भरोसे के सिवाए शायद कुछ  नही रह जाता।

ये सारा माजरा जिला अस्पताल के मुख्य गेट का है। जिला अस्पताल के वार्डो में क्या दुर्दशा मरीजो की होती है इससे आप खुद अंदाज लगा सकते है।

घटना आज दोपहर के तीन बजे की है। जब न जाने कहा से बीमारी की हालत में एक युवक इमरजेंसी के मुख्य द्वार पर बेहोश होकर जलती फर्श पर गिर पड़ा और घण्टो तक तेज धूप में फर्श पर तड़पता रहा मगर लापरवाह अस्पताल कर्मियों ने इस युवक को न तो उसे तपती हुई धूप से किनारे छाव में किया न ही उसके पास जाकर कोई भी इलाज करने की जहमत उठाई।मीडिया के हतस्तक्षेप के बाद हड़बड़ाए चिकित्सको ने उसे डरा धमका कर भगा दिया ताकि ये शर्मनाक मामला सुर्खियों में न आजाये।
जब इस सम्बंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर पी, के टण्डन से बात करके इस घटना की जानकारी देनी चाही तो उनका फोन नही तो उठा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *