जिला अस्पताल में आज एकबार फिर इंसानियत शर्मसार हो गई और गरीबी को मुह की खानी

बहराइच से देवीपाटन

 मंडल ब्यूरो विजय प्रताप गुप्ता की रिपोर्ट

धरती पर भगवान का दुसरा रूप कहे जाने वाले डॉक्टर आजकल पैसो को ही ईमान बना बैठे हैं बिना पैसा लिए इनके हाथ इलाज को नहीं उठते इंसानियत को शर्मसार करने वाला ऐसा ही मामला सामने आया है बहराइच जिला अस्पताल में जहाँ कुछ ही दिन पहके जन्मे नवजात का अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उसके पास डॉ साहब को देने के लिए 5 हज़ार रुपये नहीं थे.कलेजे को टुकड़े का इलाज के अभाव में देख पीड़ित पिता से जब कुछ न बना तो वो जिला अस्पताल प्रांगण में ही धरने पर बैठ गया और अपने बच्चे की जान की भीख मांगने लगा.धरने पर बैठी नेबजट की दादी ने मौके से जिलाधिकारिन को फोन पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई ने आनन फानन में नगर मजिस्ट्रेट और सीएमएस मौके पर पहुच गए और धरने पर बैठे परिवार की मनौवल में जुट गए.
 जिला अस्पताल में आज एकबार फिर इंसानियत शर्मसार हो गई और गरीबी को मुह की खानी पड़ी.रिसिया बाजार निवासी धनीराम की पत्नी ने 2 दिन पहले जिला अस्पताल के महिला विभाग में एक बच्चे को जन्म दिया था .बच्चे का जन्म से ही पॉटी का रास्ता बंद था जिसके लिए उसका ऑपरेशन करने अनिवार्य था.जो अस्पताल के सीनियर सर्जन डॉ एफ आर मालिक को करना था.आरोप है की ऑपरेशन के पहले नवजात के पिता से 5 हज़ार रुपये की मांग की गई और जब गरीब पिता ने पैसे न देने का हवाला दिया तो धरती के इस भगवान ने उस मासूम के ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया.मामले के 36 घंटे बीत जाने के बाद आज जब ज़बरदस्ती बच्चे को रेफेर किया गया तो पीड़ित परिवार को होश उड़ गए.कही भी सुनवाई न होती देख पिता बच्चे को लेकर धरने पर बैठ गया और मौके से फोन पर जिलाधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई.जिलाधिकारी के संज्ञान में आते ही आनन फानन में नगर मजिस्ट्रेट और सीएमएस पीडित परिवार के पास पहुच तो गए लेकिन  राहत के नाम पाए उसे लखनऊ के लिए भेज दिया गया.अब ऐसे में सवाल उठता है की ऐसे गंभीर मरीज़ को महज़ 5 हज़ार रुपये के लिए 36 घंटे तक छोड़ देंने पर अगर उसकी ज़िन्दगी कोई नुक्सान होता है तो इसका ज़िम्मेदार कौन होगा और आखिर कब इन सफेदपोश धरती के भगवन कहे जाने वाले डॉक्टरों पर लगाम लगेगी।

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