*चीनी मिल के केजुवल लेबर के मजदूरी के पैसों में लग रहा भृष्टाचार का ग्रहण।**चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लेबर के मजदूरी के पैसों में हो रही बंदरबांट।*

 

 लखीमपुर खीरी से जिला संवाददाता विकास वर्मा की रिपोर्ट


  सरयू सहकारी चीनी मिल बेलरायां खीरी में काम कर रही  केजुवल लेबर का आरोप नही मिल रहा उनको उनके काम का पूरा दाम चीनी मिल के अधिकारी व बिचौलिया उनके मजदूरी के पैसों में कर रहे  बंदरबांट खा रहे उनके खून पसीने की कमाई का पैसा मामले की मुख्यमंत्री के दरबार मे भी की गयी शिकायत नही हुयी कोई सुनवाई मामले में चीनी मिल के जी एम महोदय सन्देह के घेरे में । चीनी मिल के केजुवल लेबर के यूनियन लीडर  कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर काम कर रहे आशीष कुमार शुक्ला ने बताया की जनपद की अन्य चीनी मिलों में केजुवल लेबर को उनकी मजदूरी का पूरा दाम मिल रहा है जबकि सरयू सहकारी चीनी मिल बेलरायां खीरी में केजुवल लेबरों को म नरेगा के मजदूर से भी कम पैसा मात्र 120 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से दिया जा रहा है 120 रुपये में लेबर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करें चीनी मिल में जो लोग सत्ताधारी विधायक व सांसद की सिफारिश पर रखें गये हैं उनको 140 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से दिया जा रहा है ।चीनी मिल में सुरक्षा गार्ड के पद पर काम कर रहे केजुवल लेबर आमीन ने बताया की वह चीनी मिल में 18 वर्षों से काम कर रहें उन्हें शुरुवाती दौर में कुछ दिन 1800/- रुपया प्रतिमाह के हिसाब से व कुछ समय बाद 2500/-रुपया प्रतिमाह व वर्तमान में 120 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से मात्र 3600 रुपया प्रतिमाह मिल रहा है इस महगाई के दौर में  इतने वेतन में ओ अपने परिवार की रोजी रोटी कैसे चलायें यह उनके लिये एक गम्भीर समस्या है आमीन ने चीनी मिल के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुये कहा की सरकार द्वारा जो वेतन निर्धारित है ओ वेतन उनको नही मिल रहा है उनके मजदूरी के  पैसों को चीनी मिल के अधिकारी खा रहे हैं इस बाबत में उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों से व मुख्यमंत्री महोदय से भी शिकायत की पर कहीं कोई सुनावई नही हुयी ।केजुवल्स लेबरों की इस समस्या पर जब मीडिया कर्मियों ने सरयू सहकारी चीनी मिल बेलरायां खीरी के जी एम लालता प्रसाद सोनकर से जानकारी ली की आखिर वास्तविकता क्या है चीनी मिल में काम कर रहे केजुवल लेबर को प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी का कितना पैसा दिया जा रहा है तो चीनी मिल के जी एम महोदय के पास मीडिया के इस सवाल का कोई जवाब नही था चीनी मिल के जिम्मेदार अधिकारी जी एम लालता प्रसाद सोनकर  मीडिया के कैमरे से नजरे चुराते हुये नजर आये मीडिया के काफी बार पूछने के बाद भी उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नही दी की आखिर चीनी मिल में काम कर रहे केजुवल्स वर्कर को क्या मजदूरी दी जा रही है जी एम महोदय द्वारा मीडिया के सवाल  का कोई जवाब न देना उनको एक सन्देह के घेरे में जरूर खड़ा कर रहा है की आखिर क्या वजह है जो चीनी मिल के एक जिम्मेदार अधिकारी मीडिया को सच्चाई क्यों नही बताना चाहता क्या चीनी मिल के जी एम को यह नही पता की चीनी मिल में काम कर रहे मजदूर को क्या मजदूरी दी जा रही है क्या मिल में काम कर रही लेबर का आरोप सही है

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