इत्र नगरी कन्नौज के हम्मालीपुरा मोहल्ले में स्थित अलजामिअतुल अहमदिया मदरसे में हो रही इंटरनेशनल कांफ्रेंस में उलेमाओं ने इस्लाम की शिक्षा का बयान किया

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कन्नौज से जिला संवाददाता मोबीन मन्सुरी की रिपोर्ट

इत्र नगरी कन्नौज के हम्मालीपुरा मोहल्ले में स्थित अलजामिअतुल अहमदिया मदरसे में हो रही इंटरनेशनल कांफ्रेंस में उलेमाओं ने इस्लाम की शिक्षा का बयान किया। मदरसे के सरपरस्त मुफ़्ती आफाक अहमद मुजद्दीदि ने गरीब और मिस्कीनों की मदद को असल जिंदगी बताया। इस्लाम के तीसरे खलीफा हजरत उस्मान ए गनी की जिंदगी के बारे में भी कांफ्रेंस में विस्तार से बताया गया। मौलाना हसीन मंजर ने कहा की इल्म के ब गैर सोसाइटी मुर्दा है। बच्चों को इल्म दिलाना हर मां बाप का पहला फर्ज है।कांफ्रेंस की शुरुआत कुरआन की तिलावत के साथ हुई। साउथ अफ्रीक से आये मौलाना शब्बीर अहमद बराकाती की नातिया शायरी पर मौजूद भीड़ झूम उठी। जमशेदपुर से आये मौलाना मोहसिन मंजर ने कांफ्रेंस में तकरीर करते हुए कहा कि इल्म के बगैर जिंदगी तो गुजारी जा सकती है, लेकिन बिना किसी मकसद के। सूफी बनने के लिए दीन और दुनिया का इल्म हासिल करना बेहद जरूरी है। बिना इल्म के सोसाइटी कब्रिस्तान की तरह है। जहां सिर्फ मुर्दे रहते हैं। दिल्ली से आये आईएएस समीर सिद्दीकी ने कुरआन के हवाले से अपनी रिसर्च के बारे में बताया। उन्होंने कहा की वर्ष 2016 में नोबेल पुरस्कार डॉ. योगेश कुमार शूरा को मिला था। उन्हें यह पुरस्कार कैंसर की रोकथाम के जिस तरीके के बारे में बताने के लिए मिला था वह कुरआन में 1400 साल पहले ही हमारे रसूल दुनिया को बता चुके हैं। कांफ्रेंस के सरपरस्त मुफ़्ती आफाक अहमद मुजद्दीदि ने हजरत उस्मान ए गनी रजि. की जिंदगी के बारे में बताया। उन्होंने कहा की हजरते गनी ने अपनी जिंदगी इल्म हासिल करने और गरीब मिस्कीनों की सेवा में गुजारी। वह रसूल के ऐसे सहाबा थे जो उनके एक इशारे पर कुछ भी करने को तैयार रहते थे। उन्हें अपनी तरफ मिलाने की जालिमों की कोई कोशिश कभी कामयाब नही हुई। पूरी जिंदगी समाज सेवा में गुजारने वाले हजरत उस्मान ए गनी ने पूरी दुनिया को मानवता व सच्चाई का पैगाम दिया। मुफ़्ती आफाक अहमद मुजद्दीदि ने कांफ्रेंस के आखिरी में मुल्क की तरक्की और अमन के लिये दुआ की। कांफ्रेंस में चाइना, रशिया, यूक्रेन, तजाकिस्तान, बांग्लादेश, काजान और बगदाद से आये उलेमाओं ने भी तकरीर की। हजारों की भीड़ से भरा मदीना ग्राउंड रात भर नारों की सदाओं से गूजता रहा।


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